दिल्ली में मकरज निजामुद्दीन धार्मिक जलसे से शामिल कुछ लोगों के कोरोना संक्रमित होने की सूचना के बाद पश्चिमी यूपी के कई जिलों में हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस पश्चिमी यूपी के उन जमातियों की तलाश में जुट गई है जो इस जलसे में शामिल हुए थे ताकि कोरोना वायरस की चेन तोड़ी जा सके। कई जिलों में जमातियों के बिना सूचना छिपे होने की बात भी सामने आ रही है। वहीं, पुलिस ने मकरज निजामुद्दीन जलसे में शामिल इन जमातियों को क्वारंटीन करने के लिए धार्मिक स्थलों पर धरपकड़ शुरू कर दी है।
इंटेलिजेंस के इनपुट पर मेरठ पुलिस ने 14 जमाती पकड़े हैं। ये जमाती देहात क्षेत्र के कांशी में एक मौलाना के घर पर ठहरे हुए थे। परतापुर पुलिस ने इन्हें पकड़ा है। ये सभी नेपाल, महाराष्ट्र व बिहार के निवासी है।
निजामुद्दीन मरकज गए हुए 19 जिलों के 157 लोगों की एक लिस्ट जारी होने के बाद पुलिस प्रशासन ने अपने- अपने क्षेत्रों से शामिल होने वाले लोगों की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। पुलिस इनके परिवार के लोगों से भी संपर्क कर रही है।
वहीं मेरठ में एसएसपी अजय साहनी ने बताया कि निजामुद्दीन में हुई जमात में मेरठ से आठ लोग गए थे। एक जमाती वापस आया है, जिसे क्वारंटीन कर लिया गया है। बाकी सात लोग अभी दिल्ली में ही हैं। इनमें मेरठ से सटे सरधना, मवाना, व परीक्षितगढ़ से निजामुद्दीन गए थे
कस्बा झिंझाना में त्रिपुरा से आई तबलीगी जमात के 14 लोगों को दो मकानों में अलग- अलग क्वारंटीन किया गया है। उन्हें 14 दिन तक घर में रहने के लिए कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम सुबह- शाम उनकी निगरानी कर रही है।
कस्बा झिंझाना में मोहल्ले के लोगों ने स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी कि त्रिपुरा से तबलीगी जमात में कुछ लोग आए हुए हैं। ये लोग मोहल्ले में घूम रहे हैं। सूचना पर स्वास्थ्य विभाग ने पुलिस की मदद से जमात में आए सभी 14 लोगों को पकड़ लिया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सभी की मेडिकल जांच की।
फिलहाल जांच में सभी लोग स्वस्थ पाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने सात- सात लोगों को दो मकानों में निश्चित दूरी पर क्वारंटीन में रखा गया है। शामली के थानाभवन से मंगलवार दोपहर को पुलिस प्रशासन और स्वास्थ विभाग की टीम ने भैसानी गांव की एक मस्जिद में ठहरे 12 बांग्लादेशी जमातियों को पकड़ा है।
दिल्ली में धार्मिक जलसे से लौटे लोगों में कोरोना के संक्रमण की सूचना के बाद सहारनपुर जनपद में भी हड़कंप मचा रहा। देवबंद में स्क्रीनिंग से पहले ही दो लोग भाग निकले। कोरोना सर्विलांस टीमों ने देवबंद से लेकर जिले के बड़गांव, नानौता, रामपुर मनिहारन के अलावा शहर की कई मस्जिदों में छानबीन की।
देवबंद के राज्जूपुर गांव में रह रहे इंडोनेशिया के 12 जमातियों को जामिया तिब्बिया मेडिकल कॉलेज में क्वारंटीन किया गया है। बताया गया कि 21 मार्च से ये गांव में रह रहे थे। इनके अलावा 13 लोग साखन गांव से जांच के लिए लाए गए। ये सभी आसाम में रहकर मजदूरी करते थे।
इधर, डीआईजी उपेन्द्र अग्रवाल का कहना है कि अभी तक मंडल में 39 लोगों के दिल्ली की तबलीगी जमात में शामिल होने की जानकारी मिली है। छानबीन जारी है। एसएसपी दिनेश कुमार पी का कहना है कि पुलिस टीमें सर्विलांस टीमों के साथ सर्वे कर रही है। तीन दिन पहले ही अमर उजाला ने विदेश से आने वालों और जमात में शामिल होने वाले लोगों की निगरानी में चूक को उजागर किया था।